दारुल उलूम देवबंद पहुंचे डीएम-SSP सहित भारी संख्या में पुलिस फ़ोर्स, देखें आखिर क्या है माजरा

नई दिल्ली: एशिया के सबसे बड़ी इस्लामिक शिक्षण संस्था दारूल उलूम देवबंद के परिसर में निर्माणाधीन लाइब्रेरी की छत पर हेलीपैड बनाए जाने की शिकायत के बाद शनिवार को इस प्रकरण की जांच के लिये जिला प्रशासन अमला दारुल उलूम देवबंद पहुँचा। सीएम कार्यालय ने इस मामले में मंडलायुक्त सहारनपुर को एक सप्ताह के भीतर जांच कराकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। वही जिलाधिकारी आलोक पांडेय एसएसपी दिनेश कुमार पी समेत काफी पुलिस प्रशासनिक आधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अफसरों ने पुस्तकालय निर्माण के बारे में जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने दारुल उलूम प्रबंधन से इस पुस्तकालय के निर्माण के संबंध में अनुमति के बारे में पूछताछ की। इस पर दारुल उलूम प्रबंधन की ओर से बताया गया यह परिसर दारुल उलूम की सम्पत्ति है यहां की सभी व्यवस्थाएं दारुल उलूम खुद करता है इसलिए पहले कभी निर्माण की अनुमति नहीं ली गई। अब जिला प्रशासन ने आपत्ति जताई है इसलिए निर्माण की अनुमति ली जाएगी।

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आपको बता दें इस संबंध में बजरं’ग द’ल के प्रांतीय संयोजक विकास त्यागी ने 23 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकाय’त की थी। उन्होंने कहा था कि इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम की निर्माणाधीन लाइब्रेरी की छत पर बिना अनुमति के हेलीपैड बनाया जा रहा है जो सुरक्षा मानकों के विपरीत है।

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वही डीएम आलोक पांडेय ने कहा कि जांच की गई है। पुस्तकालय समेत अन्य निर्माण की कोई अनुमति नहीं ली गई है। इसलिए एसडीएम समेत पीडब्लूडी को इसके तकनीकी सत्यापन का जिम्मा दिया गया है।

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अब नई रिपोर्ट आने के बाद यह निर्धारित किया जाएगा कि इन मामले में क्या एक्शन लिया जाएगा। सीएम कार्यालय को शिकायत की गई थी कि विशालकाय पुस्‍तकालय की छत पर हेलीपैड बनाने की तैयारी की जा रही है। इसी शिकायत की जांच करने के लिए डीएम समेत तमाम अधिकारी दारुल उलूम पहुंचे थे।