इस्‍लामिक देशों के संगठन OIC में भारत हूआ शामिल, सुषमा स्‍वराज का किया जोरदार स्‍वागत

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुस्लिम देशों के एक बड़े संगठन आर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में होने वाली अपनी बैठक में भारत को आमन्त्रित किया है. युएई की राजधानी अबु धाबी में आयोजित होने वाली OIC की विदेश मंत्रियों की बैठक में भारतीय विदेश मंत्री को बतौर मुख्य अतिथि न्‍योता भेजा गया है. यह पहला मौका है जब भारतीय OIC की बैठक में हिस्सा लेने जा रहा है. भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने न्यौता भेजा था.

वहीं भारत ने इसे स्वीकार करते हुए अबुधाबी जाने का फैसला किया. जिसके बाद सुषमा स्वराज बैठक में हिस्सा लेने के लिए गुरूवार की रात को ही अबु धाबी के लिए रवाना हो गई. शुक्रवार की सुबह ही सुषमा युएई पहुंची तो इस मौके पर UAE के विदेश मंत्री ने उनका जोरदार स्वागत भी किया.

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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 1 से 2 मार्च के बीच मुस्लिम-बहुल देशों में शांति और स्थिरता के मामलों पर चर्चा करने के लिए 56 अन्य सदस्यों में शामिल रहेगी. इसी दौरान आज कार्यक्रम की शुरुआत की गई और सुषमा स्वराज ने मुख्य अतिथि के तौर पर बैठक को संबोधित किया.

इसे लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि हम इस आमंत्रण को भारत में 185 मिलियन मुस्लिमों की उपस्थिति और इसके बहुलतावादी लोकाचार में उनके योगदान और इस्लामिक दुनिया में भारत के योगदान के OIC द्वारा स्वागत योग्य पहचान के रूप में देखते हैं.

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वहीं सुषमा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मैं 1.3 बिलियन भारतीयों का अभिवादन करता हूं जिसमें 185 मिलियन से अधिक मुस्लिम भाई-बहन भी शामिल हैं. हमारे मुस्लिम और हिंदू भाई-भाई हैं और यही भारत की विविधता का एक सूक्ष्म जगत है.

उन्होंने कहा कि यह सभ्यताओं या संस्कृतियों का टकराव नहीं है बल्कि आज विचारों और आदर्शों की प्रतियोगिता है. जैसा कि हमारे पीएम नरेंद्र मोदी जी अक्सर ही कहते है कि यह मानवतावाद के मूल्यों और अमानवीयता की ताकतों के बीच का संघर्ष है.

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उन्होंने शांति का संदेश देते हुए कहा कि मैं महात्मा गांधी की भूमि से आती हूं, जहां शांति के लिए प्रार्थना के साथ ही हर प्रार्थना समाप्त होती है. आपको बता दें कि इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के विदेश मंत्री की परिषद मुस्लिम-बहुल राष्ट्रों के लिए एक मंच है.

यह मंच विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय से संबंधित राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विषयों पर चर्चा करता है. यह विज्ञान, प्रौद्योगिकी और कानून की भी पड़ताल करता है. बता दें कि पाकिस्तान भी इस मंच का हिस्सा है लेकिन भारत को मुख्य अतिथि बनाने से नाराज पाक ने इस बैठक से किनारा कर लिया है.