रमज़ान के 10वें रोज़े पर 100 से ज्यादा मासूम फिलिस्तीनियों पर बरपा इज़राइल का क़हर, दुआओं की दरख्वास्त

रमज़ान के पाक माह में भी इजरायल और फिलीस्तीन के बीच मौजूदा तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. इन दिनों इजरायल के अत्याचार तेजी से बढ़ते जा रहे है. एक फिलिस्तीनी मानवाधिकार संगठन ने बताया कि उन्हूने 100 फिलिस्तीनियों का एक दस्तावेज बनाया है जिन्हें इजरायल सुरक्षा बालों ने गिरफ्तार किया है.

उन्होंने बताया कि इन लोगों की गिरफ्तारी रमजान के पाक महीने के पहले दस दिनों के दौरान हुई है. इतना ही नहीं इजरायल के कब्जे वाले बलों द्वारा गिरफ्तार किये गए इन लोगों में 18 मासूम बच्चों और चार महिलाएं भी शामिल है.

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मिडिल ईस्ट मॉनिटर के अनुसार फिलिस्तीनी कैदियों के अध्ययन केंद्र ने कल एक बयान जारी करते हुए कहा कि इजरायली सेना ने अपने कब्जे वाले वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर धावा बोला. इसी दौरान फिलिस्तीनी मुस्लिमों के घरों पर छपे मा’रे गए.

उन्होंने बताया कि इस दौरान सुरक्षा बालों ने दर्जनों फिलिस्तीनी नागरिकों को गिरफ्ता’र किया है. केंद्र ने बताया कि बंदियों में 18 नाबालिग भी शामिल थे. वहीं इन लोगों में शामिल सबसे छोटा बच्चा नौ वर्षीय मौसा रमजान है. उन्हें हेब्रोन स्ट्रीट पर एक सैन्य चौकी पर गिरफ्ता’र किया गया था.

बताया जा रहा है कि बंदियों में जुड़वां भाई मोहम्मद और अहमद अबू (13 वर्ष) भी शामिल थे. जिन्हें कब्जे वाले इलाके में पहले कब्जे में लिया गया फिर बाद में गि’रफ्तार किया गया था जो रामल्लाह के पश्चिम में कफ़र निमा के गांव में उनके घर पर धावा बोलकर उन्हें गिरफ्तार किया गया था.

वहीं इससे पहले फ़िलिस्तीन के अतिग्रहण की 71वीं बरसी के मौके पर हजारों फिलिस्तीनियों ने बुधवार को इस कार्रवाई के विरोध में एक विशाल रैली निकाली गई थी.

फिलिस्तीनियों ने 1948 में इज़राइल की स्थापना के दौरान युद्ध के समय फिलिस्तीन की जमीन पर कब्जा जमा लिया गया था. जिसके खिलाफ विरोध जताने के लिए इसे नकबा दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है.