कुवैत ने हजारों भारतीयों को दिए फ्री टिकट, लेकिन फिर भी उनकी घर वापसी में अटका हुआ है रोड़ा, जानिए

इस समय दुनिया कोरोना नाम की बीमारी के संक्रमण से जूझ रही हैं. सभी देशों ने अपनी सीमाएं बंद कर रखी है. दुनिया के ज्यादातर देशों में इस समय तालाबंदी कर रखी है ताकि इस लाइलाज बीमारी को फैलने से रोका जा सके. देशों में लगाए गए इस लॉकडाउन की वजह से रोजगार पूरी तरह से ढब हो चुके है. ऐसे हालातों में अप्रवासी लोग अपने घरों का रुख कर रहे है. ऐसे समय में विदेशों में फंसे हुए लोगों पर और भी ज्यादा संकट हैं.

भारत के भी कई नागरिक अलग-अलग देशों में कामकाज की तलाश में जाते है जो इस समय उन देशों में फंसे हुए हैं. कुवैत में भी बड़ी तादात में भारतीय फंसे हुए है लेकिन भारतीय सरकार उन्हें निकलने के लिए किसी तरह का कोई प्रयास करती नजर नहीं आ रही हैं.

द वायर की खबर के अनुसार, इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि कुवैत अपने जहां फंसे हुए भारतियों को अपने पैसें पर भारत भेजने को तैयार है लेकिन भारतीय सरकार उन्हें अपने जहां लेने पर कोई कदम ही नहीं उठा रही है.

कुवैत ऐम्नेस्टी के अनुसार भारतीय रेज़िडेन्स उल्लंघंकर्ताओ को उनके शेल्तर में रखा गया हैं. इन लोगों के कुवैत ने अपने पैसे से टिकट की व्यवस्था की हैं.

इसके आलावा सामान्य हालात होने पर लोगों को दोबारा आने की अनुमति भी दी जा रही हैं लेकिन भारत सरकार की तरह से कोई पहल ना होने की वजह से यह लोग अभी नही कुवैत में फंसे हैं. बताया जा रहा है कि भारत सरकार ने अपने नागरिकों को कुवैत से वापस लेने के मामले में अब तक कोई जवाब ही नही भेजा हैं.

खबरों के अनुसार कई देशों के लोगों ने AMNESTY में घर और देश वापसी के लिए आवेदन दिए थे जिस पर कुवैत ने माफ़ी के साथ उन्हें फ़्री एयर टिकट भी उपलब्ध कराया. सूत्रों के अनुसार इसमें बड़ी तादात में भारतीय भी शामिल है. वहीं मिस्र के जैसे कई देशों ने अपने नागरिकों को कुवैत से निकल लिया हैं.

ख़बरों के अनुसार बताया जा रहा है कि कुवैत अपने जहां से जाने वाले सभी नागरिकों का महा’मा’री कोरोना वायरस का टेस्ट भी करा रहा है और इसी के बाद उन्हें भेजा जा रहा हैं. बाबजूद इसके भारत सरकार अपने नागरिकों को देश के अंदर लेने को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं.