जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदियों को हटाने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

नई दिल्‍ली: केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को ख़त्म कर दिया. अनुच्छेद 370 के ख़ात्मे के साथ-साथ सरकार ने जम्मू-कश्मीर राज्य पुर्नगठन बिल का भी प्रस्ताव रखा, जिसे संसद के दोनों सदनों ने पास कर दिया. यानी जम्मू-कश्मीर अब दो केंद्र शासित प्रदेश में बाटा गया है जहाँ जम्मू-कश्मीर एक अलग राज्य का दर्जा मिला वही लद्दाख को दूसरा।

वही जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से ही राज्य में इंटरनेट और फोन बंद है। साथ ही धारा 144 और बड़े पैमाने पर सुरक्षाबलो को तैनात किया गया हैं। हलाकि शुक्रवार को जुमे की नमाज़ और बकरीद के त्योहार को देखते हुए वक्त-वक्त पर थोड़ी ढील दी जा रही है। हलाकि अभी तक की खबरों के मुताबिक वहां सबकुछ सामान्य है।

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अब उच्चतम न्यायालय ने कश्मीर टाइम्स के संपादक से मीडिया पर लगी पाबंदि’यों को हटाने की मांग करने वाली याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए रजिस्ट्रार को ज्ञापन देने को कहा। न्यायालय ने कहा जम्मू कश्मीर की मौजूदा स्थिति बहुत ही सं’वेदनशी’ल है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वहां किसी की जा’न नहीं जाये। न्यायालय ने कहा कि सरकार को राज्य में हालात सामान्य करने के लिये समुचित समय दिया जाना चाहिए।

वहीं, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जम्मू कश्मीर की स्थिति की रोजाना हालात समीक्षा की जा रही है। केंद्र ने जुलाई 2016 में हुए विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए न्यायालय को बताया कि हालात सामान्य होने में कुछ दिन का समय लगेगा। अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था बनी रहे।

आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर को लेकर कथित तौर पर भारत विरो’धी दुष्प्रचा’र करने के लिए चार ट्विटर हैंडल्स पर सुरक्षा एजेंसियों के अनुरोध पर रोक लगा दी गयी है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि सुरक्षा एजेंसियों के अनुरोध पर ऐसा किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह की गतिविधियों में कथित रूप से शामिल रहने के लिए जल्द चार और खातों पर रोक लगा दी जाएगी।

वही संपर्क करने पर इस बारे में ट्विटर के एक प्रवक्ता ने बताया हम निजता और सुरक्षा कारणों से लोगों के व्यक्तिगत खातों पर टिप्पणी नहीं करते। ट्विटर से किये गए कानू’नी अनुरो’धों को साल में दो बार ट्विटर परर्दिशता रिपोर्ट में प्रकाशित किया जाता है। अधिकारियों ने कहा कि ट्विटर खातों के खिलाफ कार्रवाई की गयी क्योंकि वे कथित तौर पर जम्मू कश्मीर पर भारत के खिलाफ झूठा और बेबुनियाद प्रचार कर रहे थे।

साभार: timesnownews